• 28-02-2024 17:59:54
  • Web Hits

Poorab Times

Menu

नए इतिहास का प्रारंभ, भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट विक्रम-S हुआ लॉन्‍च

श्रीहरिकोटा। देश का पहला प्राइवेट रॉकेट विक्रम-S लॉन्च हो गया है। ये रॉकेट आवाज की गति से पांच गुना ज्यादा स्पीड से अंतरिक्ष की ओर गया। 81.5 किमी की ऊंचाई पर तीन पेलोड सफलता से इजेक्ट किए। लॉन्चिंग के साथ ही 4 साल पुराने स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस के नाम एक बड़ी उपलब्धि दर्ज हो गई है। कंपनी का कहना है कि इससे सैटेलाइट लॉन्चिंग कैब बुक करने जितनी आसान हो जाएगी।

इस सब की शुरुआत होती है साल 2018 से। जब इसरो के साइंटिस्ट पवन कुमार चंदना और नागा भरत डका ने नौकरी छोड़कर अंतरिक्ष से जुड़ी अपनी कंपनी चलाने का फैसला किया। उस वक्त भारत में कोई प्राइवेट प्लेयर नहीं था, इसलिए आईआईटी के इन दोनों पूर्व छात्रों का भविष्य भी धुंधला दिख रहा था।
चंदना को अंतरिक्ष और रॉकेटरी का चस्का लगा आईआईटी खड़गपुर में। यहां वो मैकेनिकल इंजीनियरिंग पढ़ रहे थे। आईआईटी के बाद चंदना ने इसरो ज्वॉइन कर लिया। TEDx टॉक में चंदना बताते हैं, ‘कॉलेज के बाद मैं रॉकेट्स का दीवाना हो गया। ये शानदार मशीनें पृथ्वी की ग्रैविटी से बचकर अंतरिक्ष में जाने की ताकत रखती हैं। उनके बिना हमारे पास इतनी सारी चीजें नहीं होतीं।’

चंदना ने इसरो में 6 साल काम किया। वो केरल के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में तैनात थे। वो बताते हैं, ‘मैं रॉकेट को समझने में बहुत खुश था कि ये कैसे काम करते हैं। इसरो में रॉकेट बनते और लॉन्च होते देखकर मोहित हो जाता। यहां मैं GSLV-Mk-3 प्रोजेक्ट का हिस्सा रहा और स्माल सैटलाइट लॉन्च व्हीकल प्रोजेक्ट के डिप्टी मैनेजर पद पर काम किया।’

Add Rating and Comment

Enter your full name
We'll never share your number with anyone else.
We'll never share your email with anyone else.
Write your comment
CAPTCHA

Your Comments

Side link

Contact Us


Email:

Phone No.