• 09-12-2022 15:20:41
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IISc से भी आगे निकल गईं प्राइवेट यूनिवर्सिटीज

NAAC की ग्रेडिंग में 'खेल' पर उठ रहे सवाल

नई दिल्‍ली: भुवनेश्‍वर की एक डीम्‍ड यूनिवर्सिटी ने NAAC (नैशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिशन काउंसिल) के स्‍कोर में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस (IISc) को भी पछाड़ दिया है। इस यूनिवर्सिटी के आगे भारत का कोई अन्‍य संस्‍थान नहीं है। इस यूनिवर्सिटी को NAAC से 3.88 का स्‍कोर मिला है। इससे पहले तक किसी हायर एजुकेशन इंस्टिट्यूट को इतना स्‍कोर नहीं मिला था। बेंगलुरु का एक इंजिनियरिंग कॉलेज भी इस यूनिवर्सिटी से ज्‍यादा पीछे नहीं। उसे NAAC ने 3.83 स्‍कोर दिया है। दिलचस्‍प यह है कि नैशनल इंस्टिट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) की सूची में यह कॉलेज 'बेस्‍ट' के आसपास भी नहीं है। वहां इसकी रैंकिंग 175-200 के बीच है। भारत सरकार के मातहत NIRF की लिस्‍ट में IISc देश की बेस्‍ट यून‍िवर्सिटी है। यह बात दीगर है कि NAAC ग्रेडिंग के लिहाज से, देश की 7 निजी यूनिवर्सिटीज IISc से बेहतर हैं। उनका NAAC स्‍कोर भारत की बेस्‍ट यूनिवर्सिटी से भी ज्‍यादा है। यह मामले अपवाद भर नहीं हैं। कोयम्‍बटूर की एक डीम्ड यूनिवर्सिटी ने पांच सालों में (दो NAAC साइकल) 5 ग्रेड्स की छलांग लगाई है। इसे पहले ग्रेड B मिला था मगर अब NAAC रैंकिंग A++ हो गई है जो सर्वोच्‍च है।
देशभर की यूनिवर्सिटीज की ग्रेडिंग में इस इजाफे पर शिक्षाविद सवाल उठा रहे हैं। यहां तक कि NAAC के भीतर भी ग्रेडिंग सिस्‍टम को लेकर आवाजें उठीं। इसी को देखते हुए NAAC ने एक समिति बनाई है जो देखेगी कि इतने सारे उच्‍च शिक्षा संस्‍थानों की रैकिंग इतनी जल्‍दी इतना कैसे बढ़ गई। एक्रेडिटिंग एजेंसी का डेटा दिखाता है कि देश में A++ ग्रेड वाले इतने संस्‍थान इससे पहले कभी नहीं थे। NAAC की एग्‍जीक्‍यूटिव कमिटी के चेयरमैन भूषण पटवर्धन ने कहा कि एक ऑडिट चल रहा है। उन्‍होंने कहा, 'हम समझते हैं कि कुछ गड़बड़‍ियां हैं और वर्तमान सिस्‍टम की समीक्षा और उसमें सुधार की जरूरत है।'

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