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तेलीबांधा में गड्ढा खोदते समय पाइपलाइन फूटने पर लगा जुर्माना पटाने से ठेकेदार ने किया मना

रायपुर। पिछले महीने तेलीबांधा पुलिस थाने के सामने केबल बिछाने के लिए गड्ढा खोदते समय मुख्य राइजिंग पाइपलाइन फूट गई थी। इससे तेलीबांधा इलाके में दो दिन तक पेयजल आपूर्ति ठप रही, वहीं निगम को लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। इस मामले में निगम ने नोटिस जारी करने के साथ ही कंपनी के ठेकेदार पर तीन लाख रुपये का जुर्माना ठोका था, लेकिन ठेकेदार ने उसके द्वारा पाइपलाइन क्षतिग्रस्त किए जाने से इन्कार कर दिया है। इससे विवाद की स्थिति निर्मित हो गई है। जुर्माना वसूलने में निगम के अफसरों को पसीना छूट रहा है।

तेलीबांधा क्षेत्र के लोगों को दो दिन नहीं मिला था पानी

19 जुलाई को तेलीबांधा पुलिस थाने के सामने पाइपलाइन में केबल बिछाने वाली ग्रिल से आरपार छेद होने से पाइप फूट जाने के कारण थाने के अंदर पानी भर गया था। निगम के अमले को पानी निकासी में घंटों लग गए थे। यही नहीं, लाखों लीटर पीने का पानी सड़क पर व्यर्थ बह जाने से तेलीबांधा क्षेत्र दो लाख से अधिक की आबादी को पीने का पानी दो दिन तक नहीं मिल पाया था, क्योंकि 18 पानी टंकियां भर नहीं पाई थीं।

बावजूद इसके निगम के अधिकारी अब तक पाइपलाइन फोड़ने वाले जिम्मेदार कंपनी के ठेकेदार को खानापूर्ति करने केवल नोटिस पर नोटिस जारी कर रहे हैं, जबकि पहले नोटिस में एक सप्ताह के अंदर 3.50 लाख रुपये जुर्माना राशि जमा करने को कहा गया था। निगम के अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार से क्षतिपूर्ति के रूप में 50 हजार रुपये सप्ताह भर पहले ही जमा करवाया जा चुका है। शेष तीन लाख रुपये जमा कराने हैं। इसके लिए तीसरी बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

बिना वर्क आर्डर जारी किए कराया काम

निगम के अधिकारियों ने जांच में पाया कि कंपनी ने ठेकेदार को बिना वर्क आर्डर जारी किए ही केवल बिछाने का मौखिक आदेश दिया था। उसी की आड़ लेकर कंपनी के जिम्मेदार जुर्माना भरने से आनाकानी कर रहे हैं। इस बात को ठेकेदार ने भी अपने बयान में स्वीकार करते हुए कहा था कि उसे कंपनी ने डीओ लेटर नहीं दिया था, काम कराने की स्वीकृति मौखिक रूप से दी गई थी। लिहाजा निगम ने तीसरी और आखिरी बार नोटिस जारी कर जुर्माना राशि जमा करने का अल्टीमेटम दिया है।

नगर निगम के जल विभाग के कार्यपालन अभियंता बीएल चंद्राकर ने कहा कि कंपनी को आखिरी बार नोटिस जारी कर जुर्माना की राशि तीन लाख रुपये जमा कराने कहा गया है। ठेकेदार बार-बार पाइपलाइन फोड़ने से इन्कार कर रहा है। अब उसका बयान दर्ज कर सख्ती के साथ जुर्माना वसूली की कार्रवाई की जाएगी।

 

 

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